क्या हुआ है पूरा मामला?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर एक चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) स्टूडेंट ने अपना अनुभव शेयर किया। उसने Faridabad की एक CA फर्म से Articleship के लिए संपर्क किया। बातचीत के दौरान स्टूडेंट ने वर्किंग ऑवर्स और स्टाइपेंड के बारे में पूछा।लेकिन इस साधारण से सवाल पर फर्म ने चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा, “No need to be oversmart. Now you don’t need to come.” यानी ‘ओवरस्मार्ट बनने की जरूरत नहीं, अब तुम्हें आने की जरूरत नहीं।
सोशल मीडिया पर मचा हंगामा
यह चैट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। हजारों लोगों ने इसे भारत में मौजूद toxic work culture का उदाहरण बताया।यूज़र्स का कहना है कि अगर कोई स्टूडेंट स्टाइपेंड और वर्किंग ऑवर्स के बारे में पूछ रहा है, तो इसमें गलत क्या है? ये तो हर कैंडिडेट का हक़ है कि वह अपने काम की शर्तों को जाने।
क्या वाकई सवाल पूछना ओवरस्मार्टनेस है?
सोचने वाली बात ये है कि क्या सैलरी और काम के घंटे पूछना वाकई में ‘ओवरस्मार्ट’ होना है? जब आप किसी कंपनी या फर्म में काम करने जा रहे हैं तो ये बेसिक सवाल होते हैं।ऐसे सवाल पूछने से दोनों का समय बचता है। अगर शर्तें नहीं मिलतीं तो न ही फर्म का समय खराब होता और न ही कैंडिडेट का। यह प्रोफेशनल बातचीत का हिस्सा होना चाहिए।
क्यों जरूरी है ट्रांसपेरेंसी?
फर्म्स का ये रवैया दिखाता है कि कई जगह आज भी पारदर्शिता (Transparency) की कमी है। कैंडिडेट को पूरी जानकारी देना न सिर्फ ज़रूरी है, बल्कि यह सम्मान का भी हिस्सा है।अगर कोई फर्म अपनी पॉलिसी या स्टाइपेंड की जानकारी नहीं देना चाहती, तो सवाल उठता है कि आखिर वो क्या छुपा रहे हैं? साफ-सुथरी बातचीत से ही बेहतर काम का माहौल बनता है।
CA स्टूडेंट्स और फ्रेशर्स के लिए सबक
जो भी स्टूडेंट या फ्रेशर जॉब या Articleship के लिए जा रहे हैं, उन्हें अपने हक़ के सवाल जरूर पूछने चाहिए। स्टाइपेंड, वर्किंग ऑवर्स, ओवरटाइम और वर्क कल्चर—ये सब जानना आपका अधिकार है।अगर कोई फर्म ऐसे सवालों से नाराज़ होती है, तो समझ लें कि वहां का माहौल प्रोफेशनल नहीं है। ऐसे Toxic Work Culture से दूरी बनाना ही बेहतर है।
निष्कर्ष (Conclusion)
ये घटना सिर्फ एक स्टूडेंट की नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं की है। समय आ गया है कि कंपनियां और फर्में अपनी सोच बदलें। कैंडिडेट्स को ‘ओवरस्मार्ट’ कहना बंद करें और प्रोफेशनल ट्रांसपेरेंसी अपनाएं।सम्मान देना और लेना दोनों तरफ से होना चाहिए। तभी एक बेहतर कार्य संस्कृति विकसित हो सकती है।